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Hello Friends,


हेल्लो दोस्तो मेरा नाम रोनी यादव हैं में दिल्ली से हूँ। मैं हिन्दीउपाय डॉट कॉम का ऑथर और संपादक (Editor & Author) हूँ मैंने ग्रेजुएशन हु बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.)  से, हिंदी, इंग्लिश, समाज शास्त्र, जैसे विषय थे। पढ़ाई में कुछ खास तो नही था मैं स्कूल में दूसरी वाली बेंच पे बैठता था वही हाल कोलेज के समय में भी था हमेशा दूसरी वाली रो या कहुँ बेंच पे बैठता था शायद इसलिए मैं कभी कही भी फर्स्ट नही आया हमेशा सेकंड ही आया हूं लेकिन हा फैल होने का हमेशा लगा रहता था 10th के बाद कभी मैंने रेगुलर क्लास अटेंड नही किया ।।

Struggle


Class 6th से मैं गांव में अकेला रहता था (माँ को बीमारी के चलते दिल्ली जाना पड़ा था) तब से मैं खाना बनाना कोचिंग जाना 10km, वापस आ के स्कूल जाना 10 km । ज्यादा तर समय पे खाना नही बन पाता था पूरे दिन बुखे पेट रह कर रात को खाना बनाता तब जाके खाना मिलता था । कभी - कभी 2 - 2 दिन चले जाते खाना नही बनाता था क्योंकि 6 क्लास के बच्चे को क्या पता खाना कैसे बनाया जाता था नीबू - पानी पी के 2 - 3 निकल जाते थे (लाई) मुरमुरा खाके हफ्ते गुजार देता था ।


पैसो की दिक्कत बहोत होती थी तो 10th के बाद दिल्ली आता था कमाने के लिए ताकि स्कूल की फीस और कोचिंग की फीस दे सकू और रहने का कुछ पैसा इकटठा कर सकू। 18 साल उम्र पूरा न होने के कारण कोई काम नही देता था ये सबसे बड़ी बाधा थी मेरी जिंदगी की, सन 2012 के बाद जैसे ही 3 - 4 महीने का समय मिलता तो दिल्ली आ जाता था कमाने के लिए। 2019 से दिल्ली में रहने लगा क्योकि ग्रेजुएशन पूरा हो ही  गया था ।।


खाना न बनाना आता था नही ही खाने को मिलता था और न ही कोई time - table था उसका साइड - इफेक्ट तो होना ही था प्रोटीन न मिलने कारण body में हार्मोन्स डिस - बैलेंस हो गया और 2016 - 2017 से सिर के बाल झड़ ने लगे और आज घर से निकलने से पहले टोपी लगानी पड़ती हैं पैसा न होने के करण डॉ के पास न जा सके , अब कोई मेरे बालो के बारे में कुछ भी बोलता है तो मुझे बहोत - बहोत ही ज्यादा बुरा लगता हैं , लेकिन लोग माजक उड़ाने से पीछे नही हटते , अब तो यही मन करता हैं कि भगवान मुझे अपने पास बुलाने में इतनी देर क्यो कर रहे हैं।।


उस समय अच्छे लोगो से कम बुरे लोगो से ज्यादा मुलाकात हुई जो मुझे सिगरेट पीने के लिए तबाव बनाते थे, शराब पीने के लिए कहते थे तबाकू खाने के लिए कहते थे लेकिन पता नही क्यो मुझे उन दिनों भी और आज भी स्मोकिंग वाले लोगो से मुझे नफरत हो जाती थी और आज भी नफरत हो जाती हैं उन दिनों और आज भी इसलिए मेरी जिंदगी में सिर्फ नाम मात्र दोस्त हैं ।।


Hindiupay

कम दोस्त होने की वजह से मैं अपनी बातें लोगो से शेयर नही पाता था जब भी कभी बोलने का मौका मिलता तो बहोत बोलता था लोग मुझे कहने लगे कि तुम बहोत बोलते हो , अपनो जानकारी अपने पास रखो, ज्यादा ज्ञान मत दो, तुमसे किसीने पोछा या ज्ञान मांगा। मुझे बुरा लगने लगा उनका भी कहना सही था आज के जमाने मे बिना मांगे ज्ञान नही देना चाहिए, फिर एक दिन किसे नेट सर्फिंग कर रहा था मेरे पास नही कंप्यूटर और नही लैपटॉप था मोबाइल से सर्फिंग करते हुए देख रहा था कि कंप्यूटर से हम क्या - क्या कर सकते हैं तब कहा से थोडा बहोत यूट्यूब चला लेता था वहाँ से ये विचार आया टेक्नोलॉजी लगाओ तो पहले से ही था दूसरा ज्ञान देने की आदत दोनो को कंबाइन करके एक वेबसाइट create की जिसका नाम रखा हिन्दीउपाय गरीब फॅमिली से था तो लोग कहते थे बेटा पैसा रोड पे पड़ा है देखने और उठाने की कला को पहचानो बस फिर शुरू किया एक नई जिंदगी की खोज और पहचान के लिए ।।

अभी तक मेरे घर मे कोई  नही जानता कि मैं ब्लॉगिंग करता हूं

Hindiupay 

Business ideas, Bank Schemes, Earn Money Online, Jobs, Government Scheme, Share Market, Economy, Loans, Stock market, Finance, Insurance, EMI s, 


About studies:-


मैंने पढ़ाई ज्यादा तो नही की लेकिन जितनी कि हैं मुझे लगता हैं किस्मत में यही तक लिखा था।।
10th pass from U.P Board.
12th pass from U.P Board.
    Graduation Complete

About Hobbies:-


मुझे खेलना बहोत पसंद हैं लेकिन मेरे दोस्त सिर्फ नाम के मात्र हैं जो स्कूल समय के हैं ओ देश से बाहर रहते हैं या इतने दूर हैं मिल नही सकता नए दोस्त बनाना इतना आसान नही हैं
फिल्में देखना, घूमना, लोगो के बारे में जानना, नेट सुफरिंग, गाना सुन्ना, आदि ।।


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